गुनाह शायरी | दर्द, मोहब्बत और ज़िंदगी पर बेहतरीन Shayari
गुनाह शायरी: दर्द, मोहब्बत और ज़िंदगी के 100+ एहसास
कभी-कभी ज़िंदगी में हम ऐसे फैसले ले लेते हैं जो दिल को सुकून देने के बजाय एक बोझ बन जाते हैं। रिश्तों में की गई छोटी-सी गलती भी हमें "गुनाह" जैसी लगने लगती है। मोहब्बत, वफ़ा, भरोसा और टूटे हुए अरमान—ये सब मिलकर दिल में एक अजीब-सा दर्द पैदा करते हैं। अगर आप भी अपने जज़्बातों को शब्दों में ढालना चाहते हैं, तो यह गुनाह शायरी संग्रह आपके लिए है। यहाँ आपको 50 हिंदी और 50 English शायरी मिलेंगी, जो दिल के हर एहसास को खूबसूरती से बयां करती हैं।
गुनाह पर 50 हिंदी शायरी
मोहब्बत का गुनाह शायरी
मोहब्बत की थी तुमसे,
कोई खता नहीं की,
पर दुनिया ने इसे गुनाह कह दिया।
तेरे इश्क़ में डूबना,
अगर गुनाह है,
तो हर जन्म में ये सज़ा मंज़ूर है।
दिल ने चाहा तुझे,
बस यही गुनाह था,
वरना हम भी बेगुनाह थे।
तुझसे प्यार करना,
मेरी आदत बन गई,
और यही मेरा सबसे बड़ा गुनाह बना।
इश्क़ की राहों में,
हर कदम गुनाह लगा,
फिर भी दिल पीछे ना हटा।
दर्द और पछतावे की शायरी
गुनाह इतना था,
कि तुझपे ऐतबार किया,
और खुद को ही सज़ा मिली।
मेरी खामोशी को,
उसने कसूर मान लिया,
और मुझे गुनहगार ठहरा दिया।
आँखों से जो आँसू गिरे,
वो मेरे गुनाहों की कहानी थे,
जिन्हें किसी ने समझा ही नहीं।
हर रात यही सोचता हूँ,
आखिर मेरा गुनाह क्या था,
जो तू दूर हो गया।
दिल का फैसला था,
दिमाग ने रोका नहीं,
अब सज़ा भुगत रहा हूँ।
रिश्तों का गुनाह
रिश्तों में सच्चाई रखी,
फिर भी इल्ज़ाम मिला,
जैसे मैंने गुनाह कर दिया हो।
तुझसे उम्मीद रखना,
शायद मेरा गुनाह था,
वरना दर्द इतना ना मिलता।
हर रिश्ता टूटता नहीं,
कुछ गुनाहों से बिखर जाते हैं,
जो दिखते भी नहीं।
तूने जो किया सही था,
क्योंकि गुनहगार तो मैं था,
जो तुझसे प्यार कर बैठा।
रिश्ते बचाने की कोशिश,
कभी-कभी गुनाह लगती है,
जब सामने वाला समझे ना।
ज़िंदगी और गुनाह शायरी
ज़िंदगी ने सिखाया,
हर मुस्कान के पीछे,
एक गुनाह छुपा होता है।
कुछ फैसले सही थे,
पर वक्त गलत था,
और इल्ज़ाम गुनाह का लगा।
ज़िंदगी की किताब में,
हर पन्ना साफ नहीं होता,
कुछ पर गुनाह लिखे होते हैं।
गलती इंसान से होती है,
पर सज़ा उम्रभर मिलती है,
जैसे कोई गुनाह हो।
वक़्त बदल गया,
पर मेरे गुनाहों की कहानी,
अब भी वही है।
खामोशी और इल्ज़ाम
खामोश रहा मैं,
तो गुनहगार ठहरा,
बोला होता तो शायद दोषी ना होता।
इल्ज़ामों की बारिश में,
भीगता रहा दिल,
बिना गुनाह के।
सच कहने की हिम्मत की,
और वही मेरा गुनाह बन गया।
तेरी नज़रों में कसूरवार,
अपनी नज़रों में बेगुनाह,
यही मेरी कहानी है।
खुद को समझाते रहे,
कि गुनाह नहीं था,
पर दिल मानता नहीं।
इश्क़ का इल्ज़ाम
इश्क़ को गुनाह कहा,
और हमें गुनहगार,
बस इतना ही कसूर था।
तुझसे मिलना इत्तेफाक था,
पर तुझसे प्यार करना,
शायद मेरा गुनाह था।
इश्क़ में डूबे रहे,
और दुनिया कहती रही,
ये गुनाह है।
दिल की अदालत में,
मैं खुद ही जज बना,
और खुद को गुनहगार ठहराया।
तेरे लिए सब छोड़ा,
और यही मेरा गुनाह कहलाया।
तन्हाई की शायरी
तन्हा रहना सीखा,
क्योंकि भीड़ में रहना,
गुनाह लगता था।
तन्हाई में अक्सर,
अपने गुनाह याद आते हैं,
जो शायद थे ही नहीं।
भीड़ में खोकर भी,
मैं गुनहगार रहा,
अपने ही ख्यालों में।
रात की खामोशी,
मेरे गुनाह गिनती रही,
और मैं सुनता रहा।
तन्हाई ने सिखाया,
हर गुनाह का गवाह,
खुद इंसान होता है।
वफ़ा और बेवफ़ाई
वफ़ा की उम्मीद रखी,
और गुनहगार बन गया,
ये कैसा इंसाफ था।
बेवफ़ाई का इल्ज़ाम,
मुझपर आया,
जबकि कसूर तेरा था।
वफ़ा की राह में,
कई गुनाह हुए,
पर इरादा साफ था।
दिल साफ था मेरा,
फिर भी गुनाहों में नाम आया।
तेरी बेवफ़ाई भी,
मेरे गुनाहों में लिखी गई।
दिल का कसूर
दिल ने चाहा जिसे,
वो ही गुनाह बन गया।
कसूर दिल का था,
जो हर बार तुझपर आया।
दिल की दुनिया में,
गुनाह और सज़ा,
दोनों साथ चलते हैं।
दिल को समझाना मुश्किल है,
ये हर बार गुनाह कर बैठता है।
दिल का हर फैसला,
दुनिया को गुनाह लगता है।
आत्मचिंतन और सच्चाई
खुद से सवाल किया,
क्या सच में गुनहगार हूँ मैं?
आईने में देखा खुद को,
वहाँ कोई गुनाह नजर नहीं आया।
सच की राह पर चला,
और गुनाह का तमगा मिला।
मेरे इरादे पाक थे,
फिर भी गुनाह लिख दिया गया।
अगर प्यार गुनाह है,
तो मैं हर बार ये गुनाह करूँगा।
50 English Shayari on Sin (Gunaah)
Love and Sin Quotes
I loved you truly,
if that was a sin,
I plead guilty forever.
Falling for you
was never wrong,
but they called it a sin.
In the court of love,
my only crime
was caring too much.
If عشق is a sin,
then let my heart
never be innocent.
I chose you,
and that choice
became my crime.
Pain and Regret
Trusting you
was my only mistake,
now I bear the blame.
Silent tears
confessed the sins
I never did.
I searched for my fault,
but found only love.
Regret whispers softly,
calling my love
a hidden sin.
Every heartbeat says,
I was innocent,
but love was not.
Broken Relationships
We broke apart,
not by hate,
but by unspoken sins.
Your goodbye
felt like punishment
for loving you.
I held the truth,
yet wore the blame.
Our promises faded,
leaving me guilty
of loving more.
The crime was hope,
the sentence was distance.
Life Lessons
Life teaches softly,
every choice
has a shadow.
Sometimes timing
turns right into wrong.
The pages of life
carry stains of regret.
We sin in silence,
and suffer in noise.
Mistakes grow,
lessons stay.
Silence and Blame
My silence screamed,
but they heard guilt.
Accused by eyes,
judged by hearts.
Truth felt heavy,
like a crime.
I stood quiet,
wearing invisible chains.
Blame found me,
even when love did not.
Loneliness
Alone at night,
I replay my innocence.
Lonely hearts
count sins
that never existed.
Darkness knows
my untold truth.
In solitude,
I forgive myself.
Silence heals
what blame destroyed.
Faith and Betrayal
Faith broke,
and I became the sinner.
Your betrayal
wrote my name
in red.
Loyalty felt wrong,
in a world of lies.
I stayed true,
yet lost the trial.
Even honesty
was called a sin.
Heart and Truth
The heart chooses,
the world judges.
Pure intentions
often look guilty.
I loved deeply,
that was enough
to condemn me.
If caring hurts,
I accept the pain.
My truth stands,
even if blamed.
गुनाह शायरी से जुड़े FAQs
गुनाह शायरी क्या होती है?
गुनाह शायरी वह शायरी है जिसमें गलती, पछतावा, मोहब्बत या रिश्तों के दर्द को भावनात्मक शब्दों में व्यक्त किया जाता है।
क्या गुनाह शायरी सिर्फ मोहब्बत पर होती है?
नहीं, यह ज़िंदगी, रिश्तों, आत्मचिंतन और वफ़ा-बेवफ़ाई जैसे कई विषयों पर आधारित हो सकती है।
गुनाह शायरी को सोशल मीडिया पर कैसे शेयर करें?
आप इन शायरियों को कॉपी करके WhatsApp, Instagram, Facebook या स्टेटस पर शेयर कर सकते हैं।
क्या यह शायरी ओरिजिनल है?
हाँ, यह संग्रह विशेष रूप से इस ब्लॉग के लिए तैयार किया गया है।
गुनाह शब्द का अर्थ क्या है?
"गुनाह" का अर्थ पाप या गलती होता है। अधिक जानकारी के लिए देखें Wikipedia.
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