जातपात पर शायरी | Caste System Shayari in Hindi & English
जातपात पर शायरी | Caste System Par Best Shayari Collection
आज भी समाज में जातपात का मुद्दा कई लोगों के दिलों को चोट पहुँचाता है। भेदभाव, ऊँच-नीच और सामाजिक दूरी जैसी समस्याएँ इंसानियत को कमजोर करती हैं। कई लोग बराबरी की बात करते हैं, लेकिन व्यवहार में फर्क दिखाई देता है। अगर आप भी जातिगत भेदभाव के खिलाफ अपनी आवाज़ शब्दों में उठाना चाहते हैं, तो यह शायरी संग्रह आपके लिए है। यहाँ आपको 50 हिंदी और 50 English Shayari मिलेंगी, जो समानता, इंसानियत और सामाजिक बदलाव का संदेश देती हैं।
जातपात पर हिंदी शायरी (50 Shayari)
जातपात पर सामाजिक सच्चाई शायरी
जाति के नाम पर बँट गया इंसान,
दिलों में रह गई बस पहचान।
ऊँच-नीच की ये कैसी रीत,
इंसानियत क्यों हो गई पराजित।
नाम से पहले जात पूछी गई,
इंसानियत फिर भी चुप रही।
खून सबका एक रंग लाता,
फिर क्यों जात का भेद सताता।
मिट जाए ये दीवार पुरानी,
हर दिल में बस इंसानियत रानी।
समानता और इंसानियत शायरी
ना ऊँच कोई, ना नीच कोई,
सबका मालिक एक ही होई।
जात नहीं, कर्म से पहचान,
यही है सच्चे जीवन का ज्ञान।
मंदिर-मस्जिद सबका है,
फिर इंसान क्यों बँटा है।
जो बाँटे इंसान को जात से,
वो दूर है हर जज़्बात से।
बराबरी का दीप जलाओ,
नफरत की दीवार गिराओ।
जातिगत भेदभाव पर कड़वी शायरी
जात के नाम पर जहर घुला,
समाज का चेहरा धुंधला हुआ।
जिसे तुम नीचा कहते हो,
वही कल ऊँचा बनते हो।
कागज़ पर बराबरी लिखी,
जमीन पर सच्चाई दिखी।
रिश्तों में दरार जात से,
दिल हुए बीमार जात से।
इंसान छोटा नहीं होता,
सोच छोटी हो जाती है।
समाज सुधार शायरी
तोड़ दो ये जंजीर पुरानी,
बनाओ दुनिया नई कहानी।
जात नहीं, इंसान पहचानो,
दिल से दिल को तुम जानो।
जब तक भेदभाव रहेगा,
समाज अधूरा ही रहेगा।
एकता का गीत सुनाओ,
सबको गले लगाओ।
इंसानियत का धर्म निभाओ,
जातपात को दूर भगाओ।
युवा जागरूकता शायरी
नई पीढ़ी नई सोच लाए,
जात का बंधन तोड़ जाए।
युवा अगर ठान ले बात,
मिट जाएगी हर जात।
कल का भारत कैसा हो,
जहाँ ना कोई भेदभाव हो।
हाथ में हाथ मिलाओ सब,
बराबरी का दीप जलाओ अब।
जात से ऊपर उठना होगा,
तभी नया सवेरा होगा।
मानवता पर शायरी
सबका दर्द एक सा होता,
फिर क्यों भेदभाव होता।
दिल से बड़ा ना कोई धर्म,
इंसानियत ही है असली कर्म।
जात की दीवारें गिरेंगी,
जब मोहब्बत की हवा चलेंगी।
नफरत की आग बुझाओ,
प्यार का दीप जलाओ।
इंसान बनो पहले तुम,
फिर पूछो जात और धरम।
समान अधिकार शायरी
सबको शिक्षा, सबको मान,
यही है सच्चा संविधान।
हक सबका एक समान,
यही हो देश की पहचान।
ना कोई छोटा ना बड़ा,
सबका जीवन है खरा।
अधिकारों की बात करो,
जात का भेद समाप्त करो।
बराबरी का हो सम्मान,
तभी बनेगा देश महान।
प्रेरणादायक शायरी
सोच बदलो, समाज बदलेगा,
भविष्य उज्जवल निकलेगा।
दीवारें गिरती हैं जब,
दिलों में प्यार बसता तब।
जात से ऊपर उठ जाओ,
इंसानियत को अपनाओ।
मिलकर कदम बढ़ाओ,
नया इतिहास बनाओ।
एकता में है शक्ति सारी,
मिटेगी तब ये बीमारी।
जातपात विरोधी शायरी
जात का घमंड छोड़ दो,
इंसानियत से जोड़ लो।
जो खुद को ऊँचा समझे,
वो असल में छोटा लगे।
नाम नहीं काम बड़ा,
यही है जीवन का धड़ा।
सब धरती के लाल हैं,
क्यों फिर भी सवाल हैं।
जात से नहीं पहचानो,
दिल से सबको जानो।
नई सोच की शायरी
कल की सुबह नई होगी,
जब सोच सच्ची होगी।
जातपात की जंजीर तोड़ो,
बराबरी की राह जोड़ो।
दिलों में नफरत ना रहने दो,
इंसानियत को बहने दो।
हर इंसान खास है,
यही सच्ची आस है।
एक ही है पहचान हमारी,
इंसानियत सबसे प्यारी।
Caste System Shayari in English (50 Shayari)
Shayari on Social Equality
No caste can divide the heart,
We were equal from the start.
Blood is red in every vein,
Why create this useless chain?
Humanity stands above all,
Let the walls of hatred fall.
Don’t ask my caste or name,
Judge my deeds, not my fame.
Break the silence, raise your voice,
Equality is the only choice.
Anti-Caste Awareness Shayari
Caste is just a social scar,
Human souls shine like a star.
We are born with equal rights,
Not divided by false fights.
Let love erase every line,
Your heart and mine align.
Beyond caste, beyond creed,
Humanity is all we need.
Stand together, hand in hand,
Equality will rule the land.
Rise above the ancient wall,
Hear equality’s call.
No one is high, no one low,
Let true humanity grow.
Change your mind, change the day,
Let discrimination fade away.
Respect every single soul,
That should be our goal.
Caste cannot define a man,
Only his deeds truly can.
FAQs – जातपात से जुड़े सवाल
जातपात क्या है?
जातपात एक सामाजिक व्यवस्था है जिसमें लोगों को जन्म के आधार पर अलग-अलग वर्गों में बाँटा जाता है।
जातिगत भेदभाव क्यों गलत है?
क्योंकि यह समानता और मानवाधिकारों का उल्लंघन करता है तथा समाज में असमानता बढ़ाता है।
जातपात को कैसे खत्म किया जा सकता है?
शिक्षा, जागरूकता और समान व्यवहार से इस समस्या को कम किया जा सकता है।
भारत में जाति प्रथा का इतिहास क्या है?
भारत में जाति प्रथा का उल्लेख प्राचीन ग्रंथों में मिलता है, जिसे समय के साथ सामाजिक ढांचे का हिस्सा बना दिया गया।
External Reference
जाति व्यवस्था के बारे में अधिक जानकारी के लिए Wikipedia – Caste System in India देखें।
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जातपात जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए हमें अपने विचारों में बदलाव लाना होगा। अगर आपको यह शायरी संग्रह पसंद आया, तो इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ जरूर शेयर करें ताकि समानता और इंसानियत का संदेश हर दिल तक पहुँच सके। नीचे कमेंट करके बताएं कि आपको कौन सी शायरी सबसे ज्यादा पसंद आई और आप समाज में बराबरी लाने के लिए क्या कदम उठाना चाहते हैं। आपकी एक सोच और एक शेयर किसी के दिल में बदलाव की चिंगारी जगा सकता है।
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