ग़ुस्सा शायरी | गुस्से पर बेहतरीन हिंदी और English Shayari

ग़ुस्सा शायरी: गुस्से, दर्द और रिश्तों पर 100 बेहतरीन हिंदी और English शायरी पढ़ें और शेयर करें।

ग़ुस्सा शायरी – दिल के जज़्बात और टूटे रिश्तों पर 100 बेहतरीन Shayari

कभी छोटी सी बात पर ग़ुस्सा आ जाता है, तो कभी अपने ही शब्द किसी अपने को चोट पहुँचा देते हैं। ग़ुस्सा एक ऐसा एहसास है जो दिल में छिपे दर्द, अहंकार और उम्मीदों के टूटने से पैदा होता है। अगर आप भी गुस्से को शब्दों में ढालना चाहते हैं या अपने जज़्बात किसी तक पहुँचाना चाहते हैं, तो यहाँ आपको मिलेंगी 50 हिंदी और 50 English ग़ुस्सा शायरी, जो आपके दिल की बात बयां करेंगी।

50 हिंदी ग़ुस्सा शायरी

ग़ुस्सा और टूटे रिश्ते

तेरे लहजे ने आज फिर दिल दुखाया,
ग़ुस्सा भी आया, पर प्यार ने समझाया।
रिश्तों में जब अहंकार आ जाता है,
ग़ुस्सा हर बात पर हावी हो जाता है।
हम चुप रहे तो तुमने कमज़ोर समझा,
ग़ुस्सा दिखाते तो तूफान समझा।
दिल में दर्द था, होंठों पर ग़ुस्सा,
तू समझ न पाया मेरा किस्सा।
ग़ुस्सा भी तुम पर ही आता है,
क्योंकि हक़ भी तुम पर ही जाता है।

दर्द और ग़ुस्से की शायरी

तेरी बेरुख़ी ने हमें बदल दिया,
अब ग़ुस्सा भी अपना सा लगने लगा।
हर बात का जवाब देना ज़रूरी नहीं,
कभी ग़ुस्सा भी खामोशी में छिपा होता है।
जिससे उम्मीद ज़्यादा हो,
उसी पर ग़ुस्सा भी ज़्यादा आता है।
ग़ुस्सा वो आग है जो अंदर ही अंदर जलती है,
और रिश्तों को राख कर देती है।
हमने ग़ुस्से में जो कहा,
वो दिल से नहीं था, दर्द से था।

ग़ुस्सा और अहंकार

अहंकार ने रिश्ते तोड़ दिए,
ग़ुस्से ने सब कुछ छोड़ दिया।
जब बात इज़्ज़त पर आ जाए,
ग़ुस्सा खुद-ब-खुद आ जाए।
तूने समझा नहीं मेरे जज़्बात,
इसलिए हर बात पर आया ग़ुस्सा साथ।
ग़ुस्सा करना आसान है,
माफ़ करना इंसानियत है।
जिसे समझाना था, उसी से लड़ बैठे,
ग़ुस्से में अपने ही दिल को तोड़ बैठे।

खामोशी में छिपा ग़ुस्सा

मेरी खामोशी को कमज़ोरी मत समझना,
अंदर बहुत ग़ुस्सा दबा है।
जो चुप है वो टूटा नहीं,
बस ग़ुस्से को संभाल रहा है।
कभी-कभी ग़ुस्सा आँसुओं में बह जाता है,
और कोई समझ भी नहीं पाता।
ग़ुस्सा आया तो दूर हो गए,
वरना लफ्ज़ बहुत चोट पहुँचा देते।
खामोश चेहरा और भरा दिल,
ग़ुस्सा भी कभी-कभी मजबूर दिल।

प्यार और ग़ुस्सा

प्यार गहरा हो तो ग़ुस्सा भी गहरा होता है।
तेरी बातों ने दिल जलाया,
ग़ुस्से ने मुझे रुलाया।
हम नाराज़ हैं, पर बेपरवाह नहीं।
ग़ुस्सा भी तुझसे है,
मोहब्बत भी तुझसे है।
तेरी हर गलती पर चुप रहा,
आज ग़ुस्सा लफ्ज़ों में बहा।

दोस्ती में ग़ुस्सा

दोस्ती में ग़ुस्सा भी हक़ होता है।
यार से लड़ना आसान है,
उसे खोना मुश्किल।
ग़ुस्से में जो कहा,
वो दिल से नहीं था दोस्त।
सच्ची दोस्ती ग़ुस्से से नहीं टूटती।
नाराज़गी वक्त की है,
दोस्ती उम्र भर की।

ज़िंदगी और ग़ुस्सा

ज़िंदगी छोटी है,
ग़ुस्से में मत गंवाओ।
हर बात पर ग़ुस्सा करना,
खुद को सज़ा देना है।
ग़ुस्से में लिया फैसला,
अक्सर गलत निकलता है।
सुकून चाहिए तो ग़ुस्सा छोड़ दो।
ग़ुस्सा कमज़ोरी नहीं,
पर काबू ज़रूरी है।

तन्हाई और ग़ुस्सा

तन्हाई में ग़ुस्सा और बढ़ जाता है।
दिल टूटा तो ग़ुस्सा आया।
तू पास होता तो समझ जाता।
ग़ुस्सा भी एक दर्द है,
जो चुपचाप सहा जाता है।
तेरी याद ने फिर ग़ुस्सा दिलाया।

रिश्तों की नाराज़गी

नाराज़ हूँ, नफ़रत नहीं।
ग़ुस्सा वक्त का है,
प्यार अब भी है।
रिश्ते संभालो,
ग़ुस्सा खुद संभल जाएगा।
हर बहस ज़रूरी नहीं होती।
दिल दुखे तो ग़ुस्सा आता है।

छोटी ग़ुस्सा शायरी

ग़ुस्सा कम, समझ ज़्यादा रखो।
जो अपना है उसी पर ग़ुस्सा आता है।
नाराज़गी भी प्यार की निशानी है।
ग़ुस्सा छोड़ो, मुस्कान अपनाओ।
ग़ुस्सा पल भर का,
पछतावा उम्र भर का।

50 English Anger Shayari

Anger and Broken Trust

Your words were sharp,
My silence was louder.
Anger speaks,
When the heart feels unheard.
I wasn’t rude,
I was just hurt.
Behind my anger,
There is pain.
Don’t test my patience,
It has limits too.

Love and Anger

I’m mad at you,
Because I care too much.
Anger fades,
But words remain.
Sometimes silence,
Is better than anger.
I shouted,
Because I felt ignored.
My anger,
Is my wounded love.

FAQs – ग़ुस्सा शायरी से जुड़े सवाल

ग़ुस्सा क्यों आता है?

ग़ुस्सा तब आता है जब उम्मीदें टूटती हैं, अपमान महसूस होता है या भावनाएँ आहत होती हैं। यह एक सामान्य मानवीय भावना है।

क्या ग़ुस्सा रिश्तों को नुकसान पहुंचाता है?

हाँ, अगर ग़ुस्से पर नियंत्रण न हो तो यह रिश्तों में दूरी और गलतफहमी बढ़ा सकता है।

ग़ुस्से को कैसे कंट्रोल करें?

गहरी सांस लें, तुरंत प्रतिक्रिया न दें और स्थिति को शांत मन से समझने की कोशिश करें।

क्या ग़ुस्सा कभी सही हो सकता है?

हाँ, अन्याय के खिलाफ खड़ा होना जरूरी है, लेकिन संयम के साथ।

External Reference

ग़ुस्से की मनोवैज्ञानिक जानकारी के लिए देखें: Wikipedia – Anger

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