अन्याय Shayari | Injustice Shayari in Hindi & English – दिल को छू लेने वाली पंक्तियाँ

अन्याय Shayari पढ़ें – दिल से निकली Hindi व English शायरी जो समाज, सिस्टम और ज़िंदगी के अन्याय को बयां करती है।

अन्याय Shayari – Injustice Shayari in Hindi & English

ज़िंदगी में जब इंसान सच्चा होकर भी हार जाता है, जब मेहनत की जगह सिफ़ारिश जीत जाती है,और जब सही होने के बावजूद आवाज़ दबा दी जाती है — तब दिल से जो अल्फ़ाज़ निकलते हैं, वही अन्याय Shayari कहलाते हैं। यह शायरी उन लोगों के लिए है जिन्होंने सिस्टम, समाज या अपनों से अन्याय सहा है,लेकिन फिर भी चुप नहीं रहना चाहते।

अन्याय पर Hindi Shayari

समाज के अन्याय पर शायरी

हम सच के साथ खड़े थे,
इसलिए ही अकेले रह गए,
यहाँ भीड़ झूठ की थी।
न्याय बिकता रहा बाजारों में,
और गरीब बस देखता रहा,
इंसाफ़ खामोश रहा।
जिसने आवाज़ उठाई,
उसी को चुप करा दिया गया,
ये भी एक अन्याय है।
सच बोलना गुनाह बन गया,
और झूठ सर माथे चढ़ा,
समाज यही बन गया।
ताकत के आगे सच हारा,
कानून भी मौन हो गया,
इंसाफ़ रोता रहा।

सिस्टम और कानून पर अन्याय Shayari

कानून किताबों में कैद रहा,
मैदान में बस पैसा बोला,
न्याय फिर हार गया।
फैसले देर से आए,
और ज़ख्म गहरे हो गए,
यह भी अन्याय है।
वर्दी ने आंखें मूँद लीं,
सच सड़कों पर रोता रहा,
कानून सोता रहा।
तारीख़ पे तारीख़ मिली,
इंसाफ़ फिर भी न आया,
उम्मीद टूट गई।
जिसकी जेब भारी थी,
उसका सच जीत गया,
बाक़ी सब हार गए।

गरीब और मजबूर पर अन्याय

गरीब की गलती भी जुर्म,
अमीर का जुर्म भी गलती,
वाह रे सिस्टम।
भूखे ने रोटी चुराई,
तो चोर कहलाया,
लुटेरा सम्मानित हुआ।
मजबूरी ने अपराध सिखाया,
और समाज ने सज़ा दी,
समझा किसी ने नहीं।
उसकी गरीबी ही कसूर थी,
वरना वो भी निर्दोष था,
न्याय अंधा निकला।
आँसू भी सबके बराबर नहीं,
कुछ की कीमत होती है,
कुछ बेकार।

ज़िंदगी के अन्याय पर शायरी

मेहनत कुछ और सिखाती रही,
नसीब कुछ और लिखता रहा,
ज़िंदगी यही रही।
जो सहता गया,
उसी को कमजोर समझा गया,
ये भी अन्याय है।
किस्मत ने भी भेद किया,
कुछ को सब कुछ दे दिया,
कुछ को कुछ भी नहीं।
हम सही थे फिर भी हारे,
क्योंकि खेल पहले से तय था,
ज़िंदगी का।
सपने टूटे आवाज़ किए बिना,
ये भी एक चुप अन्याय है।

रिश्तों में अन्याय Shayari

जिसे अपना समझा,
उसी ने सबसे ज़्यादा तोड़ा,
रिश्तों का अन्याय।
हमने निभाया उम्र भर,
और वो पल में बदल गए,
फैसला एकतरफा था।
इल्ज़ाम हमारे हिस्से आए,
गलतियाँ उनकी थीं,
इंसाफ़ नहीं मिला।
खामोशी को कमजोरी समझा गया,
और हमें ही दोषी ठहराया गया,
ये भी अन्याय है।
सच रिश्तों में बोझ बन गया,
और झूठ आसान हो गया,
यही हकीकत।

इंसाफ़ और हक़ की शायरी

हक़ मांगना गुनाह बन गया,
और छीनना हुनर कहलाया,
दौर यही है।
न्याय की उम्मीद रखी थी,
पर जवाब में सन्नाटा मिला,
दिल टूट गया।
हमने सवाल किए,
इसलिए ही मुश्किल बने,
सच की सज़ा मिली।
इंसाफ़ की राह लंबी थी,
पर हम थक गए,
सिस्टम नहीं।
हक़ की लड़ाई में,
अकेले रह गए हम,
भीड़ दूर थी।

खामोश अन्याय पर शायरी

चुप रहना भी अपराध बना,
और बोलना भी,
फिर करे क्या इंसान।
हम रोए अंदर ही अंदर,
दुनिया को खबर भी न हुई,
अन्याय यूँ ही रहा।
जो दिखा नहीं,
वो दर्द माना नहीं गया,
ये भी अन्याय है।
हमारी खामोशी ने,
उन्हें और ताकत दी,
गलती हमारी थी।
दर्द बोल न सका,
और सच दब गया,
इतिहास फिर दोहराया गया।

संघर्ष और अन्याय Shayari

संघर्ष करने वालों को,
ही गलत ठहराया गया,
आसान जीत वालों को नहीं।
लड़ना पड़ा अपने हक़ के लिए,
क्योंकि देने वाला कोई नहीं था,
इंसाफ़ दूर था।
हार हमारी नहीं थी,
नियम उनके थे,
फैसला पहले से था।
जो टिक गया संघर्ष में,
वही मजबूत बना,
बाक़ी टूट गए।
अन्याय सहकर भी,
ज़िंदा रहना पड़ा,
यही जीत थी।

सच और झूठ पर अन्याय

सच की उम्र कम थी,
झूठ अमर निकला,
दुनिया ने माना।
हम सच बोले,
इसलिए ही मुश्किल में पड़े,
दोष हमारा बना।
झूठ ने ताज पहना,
और सच नंगा रहा,
न्याय दूर रहा।
सच को साबित करना पड़ा,
और झूठ बस बोल दिया गया,
तुलना बेकार थी।
यहाँ सच से नहीं,
ताकत से फैसले होते हैं,
कड़वा सच।

उम्मीद और अन्याय Shayari

अन्याय ने तोड़ा हमें,
पर उम्मीद ज़िंदा रही,
यही काफी है।
आज नहीं तो कल,
सच बोलेगा ज़रूर,
उम्मीद यही है।
अंधेरा कितना भी गहरा हो,
सवेरा आएगा ज़रूर,
यकीन है।
हम टूटे हैं,
खत्म नहीं हुए,
लड़ाई बाकी है।
इंसाफ़ देर से सही,
पर मिलेगा ज़रूर,
यही आस है।

Injustice Shayari in English

Social Injustice Shayari

Truth stood alone,
while lies had a crowd,
that’s injustice.
The honest suffer silently,
while the corrupt celebrate,
society watches.
Justice was present,
but blind by choice,
not by law.
Speaking truth became a crime,
silence became safety,
what a world.
The system favored power,
not fairness,
injustice won.

FAQs – अन्याय Shayari

अन्याय Shayari क्या होती है?

जो शायरी समाज, सिस्टम या रिश्तों में हुए अन्याय को शब्द देती है, उसे अन्याय Shayari कहते हैं।

क्या अन्याय Shayari सोशल मीडिया पर शेयर कर सकते हैं?

हाँ, यह Shayari Facebook, Instagram, WhatsApp captions के लिए बहुत प्रभावी होती है।

Injustice Shayari क्यों लोकप्रिय है?

क्योंकि बहुत से लोग अन्याय सहते हैं लेकिन बोल नहीं पाते, यह Shayari उनकी आवाज़ बनती है।

क्या यह Shayari motivational भी होती है?

हाँ, कई अन्याय Shayari उम्मीद, संघर्ष और हिम्मत को भी दर्शाती हैं।

Reference: Wikipedia – Injustice

Call To Action

अगर आपने भी ज़िंदगी में कभी अन्याय झेला है, तो यह शायरी आपकी भावनाओं को शब्द देती है। इस पोस्ट को उन लोगों के साथ ज़रूर शेयर करें जो चुप रहकर सब सहते हैं। नीचे कमेंट में बताइए कि कौन-सी शायरी ने आपको सबसे ज़्यादा छुआ,और क्या आपने भी कभी ऐसे हालात देखे हैं जहाँ सच होते हुए भी इंसाफ़ नहीं मिला। आपका एक कमेंट किसी और को हिम्मत दे सकता है,क्योंकि कभी-कभी शब्द ही सबसे बड़ा सहारा बन जाते हैं।

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