इक़बाल डे Shayari | Iqbal Day Shayari in Hindi & English
इक़बाल डे Shayari – Allama Iqbal Shayari in Hindi & English
क्या आप इक़बाल डे पर ऐसी Shayari ढूंढ रहे हैं जो सिर्फ शब्द न हों, बल्कि सोच बदल दे? अल्लामा इक़बाल की शायरी आज भी युवाओं, समाज और राष्ट्र को जागृत करने की ताक़त रखती है। इस पोस्ट में आपको मिलेगी इक़बाल डे Shayari Hindi और English में — जो मोटिवेशन, खुदी और आत्मसम्मान की भावना से भरी है।
इक़बाल डे Shayari in Hindi
अल्लामा इक़बाल की प्रेरणादायक शायरी
ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले
ख़ुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
इक़बाल का पैग़ाम है आत्मसम्मान
जो खुद को पहचान ले वही महान
सितारों से आगे जहाँ और भी हैं
अभी इश्क़ के इम्तिहान और भी हैं
रुकना नहीं है राह में
इक़बाल यही सिखाते हैं
नहीं है नाउम्मीद इक़बाल अपनी कश्ती के डूबने से
ज़रा साहिल भी तो देखो अभी गहराई बाकी है
उठो मेरी दुनिया के ग़रीबों को जगा दो
काख़-ए-उमरा के दर-ओ-दीवार हिला दो
ख़ुदी का सिर्र-ए-निहाँ ला इलाहा इल्लल्लाह
ख़ुदी है तेग़ फ़साना ला इलाहा इल्लल्लाह
इक़बाल की खुदी पर शायरी
अपने मन में डूब कर पा जा सुराग़-ए-ज़िंदगी
तू अगर मेरा नहीं बनता न बन, अपना तो बन
ग़ुलामी में न काम आती हैं शमशीरें न तदबीरें
जो हो ज़ौक़-ए-यक़ीं पैदा तो कट जाती हैं ज़ंजीरें
कभी ऐ हक़ीक़त-ए-मुन्तज़िर नज़र आ लिबास-ए-मजाज़ में
कि हज़ारों सज्दे तड़प रहे हैं मेरी जबीन-ए-नियाज़ में
यक़ीं मुहकम, अमल पैहम, मोहब्बत फ़ातेह-ए-आलम
जिहाद-ए-ज़िंदगानी में ये मर्दों की शमशीरें हैं
ख़ुदी की मौत से महरूम था मुल्ला
समझता था ख़ुदा को बस किताबों में
इक़बाल डे पर विशेष शायरी
अक़्ल ने कहा समझा जा सकता है उसे
इश्क़ ने कहा देखा जा सकता है उसे
तू शाहीं है परवाज़ है काम तेरा
तेरे सामने आसमान और भी हैं
इक़बाल का सपना था एक जागता इंसान
जो खुद बदले और बदले जहान
मुसाफ़िर है तू, मंज़िल का पता खुद बना
इक़बाल की सीख है, खुदी को जगा
न था कुछ तो ख़ुदा था, कुछ न होता तो ख़ुदा होता
डुबोया मुझको होने ने, न होता मैं तो क्या होता
वजूद-ए-ज़ात से है तस्वीर-ए-कायनात में रंग
इसी से है सबक़-ए-ज़िंदगी, इसी से है ढंग
ख़ुदी को कर बुलंद, यही इक़बाल का नारा
यही है क़ौम की ताक़त, यही है सहारा
जवानों को सिखाया जा रहा है ख़्वाब-ए-ग़फ़लत में सोना
उन्हें इक़बाल ने सिखाया हक़ के लिए रोना
सज्दे उसी के जो खुदी को पहचान ले
इक़बाल की राह पर जो इंसान चल पड़े
वक़्त आने पर बता देगा हर एक ज़र्रा अपना नाम
इक़बाल का ये यक़ीं ही था असली पैग़ाम
Iqbal Day Shayari in English
Inspirational Iqbal Shayari in English
Raise your selfhood so high, O soul,
That God Himself asks your will
This is Iqbal’s eternal call,
To awaken the power within
There are worlds beyond the stars,
Still many tests of love remain
Do not despair of your sinking boat,
The ocean still holds deeper truths
Wake up the poor of my world,
Shake the palaces of the elite
Selfhood is the secret of faith,
Without it, life loses its flame
Iqbal Shayari on Self & Youth
Dive deep within yourself,
And discover the path of life
Chains break when faith is strong,
Not by swords, but by belief
You are an eagle, your task is flight,
Skies beyond skies await you
The youth that sleeps in comfort,
Can never change the world
Iqbal dreamed of awakened minds,
Not sleeping nations
Iqbal Day Special English Shayari
Faith, action, and love combined,
These are the swords of brave hearts
The secret of life lies in the self,
Know it, and the world bows
Do not follow shadows of others,
Create your own sun
Iqbal taught not to beg fate,
But to write it yourself
A nation lives by its vision,
Not by borrowed dreams
When self awakens, fear dies,
And courage is born
Rise, for stagnation is death,
Movement is life
The heart that believes can conquer,
Even the impossible
Iqbal’s poetry is not rhyme,
It is a revolution
Become so strong in faith,
That destiny seeks your permission
FAQs – इक़बाल डे Shayari
इक़बाल डे कब मनाया जाता है?
इक़बाल डे हर साल 9 नवंबर को अल्लामा इक़बाल की जयंती पर मनाया जाता है।
इक़बाल की शायरी का मुख्य विषय क्या है?
ख़ुदी, आत्मसम्मान, युवा जागृति, राष्ट्र और इस्लाह-ए-समाज।
क्या इक़बाल डे पर Shayari शेयर करना सही है?
हाँ, यह उनके विचारों को फैलाने का बेहतरीन तरीका है।
क्या ये Shayari SEO के लिए उपयोगी है?
हाँ, ये कंटेंट SEO-friendly keywords और structure के साथ तैयार है।
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Reference: Allama Iqbal – Wikipedia
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